गणेश विसर्जन आज: बप्पा की विदाई के लिए घाटों पर खास तैयारियां, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
दस दिवसीय गणेशोत्सव के पावन पर्व के बाद आज विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश को विदाई देने की घड़ी आ गई है। देश भर के पंडालों और घरों में सुबह से ही विशेष पूजा-अर्चना और आरती का दौर जारी है। "गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ" के नारों के साथ आज दोपहर से भव्य विसर्जन शोभायात्राएं निकलनी शुरू होंगी।
घाटों और तटों पर सुरक्षा चाक-चौबंद
विसर्जन के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है:
-ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी: प्रमुख विसर्जन मार्गों और घाटों पर हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से पैनी नजर रखी जा रही है।
-ट्रैफिक एडवाइजरी जारी: बड़े शहरों के प्रमुख मार्गों पर रूट डायवर्जन किया गया है ताकि आम जनता और विसर्जन यात्रा दोनों को असुविधा न हो।
पर्यावरण का ध्यान: कृत्रिम तालाबों में विसर्जन की अपील
नदियों और प्राकृतिक जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाने के लिए स्थानीय नगर निगमों ने जगह-जगह कृत्रिम कुंड (Artificial Ponds) तैयार किए हैं। प्रशासन और सामाजिक संस्थाएं लगातार लोगों से अपील कर रही हैं कि वे मिट्टी से बनी इको-फ्रेंडली प्रतिमाओं को तरजीह दें और कृत्रिम कुंडों में ही विसर्जन करें।
दोपहर बाद तेज होगा शोभायात्राओं का रंग
परंपरानुसार दोपहर बाद विशालकाय सार्वजनिक मूर्तियों की शोभायात्राएं ढोल-ताशों और गुलाल के साथ निकलेंगी, जो देर रात तक चलेंगी। श्रद्धालु अपने आराध्य को भावभीनी विदाई देने और उनसे अगले वर्ष पुनः आगमन की प्रार्थना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।