प्रधानमंत्री ने कहा, यह सफलता केवल आपकी ही नहीं, करोड़ों देशवासियों की है।
"आइची-नागोया एशियाई खेलों में पदक जीतकर भारत का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों से भारतीय
प्रधानमंत्री ने मुलाकात की।
गुरुवार को मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में आयोजित इस मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री ने महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को याद करते हुए कहा कि हॉकी के प्रति उनका समर्पण और परिश्रम हमें याद दिलाता है कि संकल्प और सपने एक दिन में पूरे नहीं होते। इसके लिए वर्षों का धैर्य और निरंतर परिश्रम अनिवार्य होता है। भारत ने भी बड़े धैर्य और कठिन परिश्रम के साथ अपने खिलाड़ियों तथा देश में खेलों के वातावरण को बेहतर बनाने पर काम किया है।
आगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खिलाड़ियों से बातचीत के दौरान वर्ष 2036 के ओलंपिक की मेजबानी करने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि भारत के सपने बड़े हैं, और उन्हें पूरा करने का आत्मविश्वास भी हर भारतीय के पास है।

पदक विजेता खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, 'हमारे सपने बड़े हैं और हमारे संकल्प भी बड़े हैं, लेकिन इन्हें पूरा करने का आत्मविश्वास आज हर हिंदुस्तानी के पास है। इसलिए मैं पूरे विश्वास के साथ कहता हूँ कि भारत 2036 के ओलंपिक की मेजबानी करेगा। आपका यही उत्साह और आत्मविश्वास नए भारत की सबसे बड़ी ताकत है, जिसके दम पर हमें भारत को नई बुलंदियों तक पहुँचाना है।'
उन्होंने आगे कहा, 'आप सभी युवा एथलीट इस बात का जीवंत उदाहरण हैं कि जुनून जब जीत में बदलता है, तो देश की पदक तालिका में एक नई चमक लेकर आता है। आपकी यह जीत पूरे देश की जीत है।'"
"इस मौके पर स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों के खिलाड़ियों के हस्ताक्षर वाली स्टिक और जर्सी प्रधानमंत्री को भेंट की। यह मौका खिलाड़ियों के लिए बेहद ही खास रहा और भविष्य के लिए प्रेरणादायक।"
