भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) की पिछले महीने जारी अधिसूचना के अनुसार 15 नवंबर से 2000 रुपये से अधिक के व्यक्ति से व्यापारी (पी2एम) को होने वाले यूपीआई भुगतान पर 0.4 फीसदी शुल्क लगाया जाना था, लेकिन यह फैसला दिवाली तक टाल दिया गया है।
एनपीसीआई ने मंगलवार को बयान में कहा कि यूपीआई कोर सेवा संचालन समिति ने यह फैसला किया कि त्योहारों को ध्यान में रखते हुए व्यक्ति से व्यापारी पी2एम को होने वाले यूपीआई भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट, दिवाली के तुरंत बाद लागू किया जाएगा।
इसकी तारीख अलग से अधिसूचित की जाएगी। और कहा कि एमडीआर का भुगतान ग्राहकों को नहीं, बल्कि व्यापारियों को करना होगा। 75,000 रुपये से अधिक पर अधिकतम शुल्क 300 रुपये लगेगा। विपक्ष और आम लोग इसमें लेकर विपक्ष ने इस फैसले को आम लोगों की जेब पर हमला माना था और यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाने से उपभोक्ताओं पर बोझ पड़ेगा।