हफ्ते के पहले ही कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों के चेहरे पर मायूसी छा गई। सुबह घंटी बजते ही शुरू हुई बिकवाली दोपहर होते-होते तेज गिरावट में बदल गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 848 अंकों की भारी गिरावट के साथ टूटा, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 अपने 23,000 के बेहद अहम मनोवैज्ञानिक स्तर को तोड़कर नीचे आ गया।

ग्राउंड रिपोर्ट: आखिर क्यों सहमा भारतीय बाजार?

बाजार जानकारों और जमीनी आंकड़ों के मुताबिक, आज की इस बड़ी बिकवाली के पीछे 3 मुख्य कारण जिम्मेदार हैं:

1. कच्चे तेल में उबाल और मिडिल ईस्ट का तनाव:

ब्रेंट क्रूड के दामों में आई अचानक तेजी ने भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए चिंताएं बढ़ा दी हैं। अमेरिका और ईरान के बीच भू-राजनीतिक खींचतान ने विदेशी निवेशकों को सतर्क कर दिया है, जिसके चलते वे उभरते बाजारों से पूंजी निकाल रहे हैं।

2. बैंकिंग सेक्टर पर दोहरी मार:

एक तरफ देशव्यापी 3-दिवसीय बैंक हड़ताल से कामकाज पर असर पड़ा है, तो दूसरी तरफ बड़े बैंकिंग स्टॉक्स (HDFC Bank, ICICI Bank, SBI) में एफआईआई (FIIs) की तरफ से मुनाफावसूली देखने को मिली।

3. सपोर्ट लेवल टूटने से मची खलबली:

तकनीकी चार्ट पर निफ्टी 23,100 का स्तर नहीं बचा पाया। जैसे ही 23,000 का स्तर टूटा, ऑटोमेटेड ट्रेडिंग सिस्टम्स में स्टॉप-लॉस ट्रिगर हो गए, जिससे गिरावट और ज्यादा गहरी हो गई।

आज के आंकड़े एक नज़र में:

1. सेंसेक्स: -848 अंक की गिरावट

2. निफ्टी 50: 23,000 के नीचे फिसला

3. सर्वाधिक दबाव वाले सेक्टर: बैंक निफ्टी, आईटी और ऑटोमोबाइल

4. मार्केट सेंटिमेंट: अत्यधिक सतर्क (Risk-off Mode)